Ramayan

बाली और सुग्रीव भाई कैसे? उनकी माता कौन थी?

Sugreev aur Bali bhai kaise? Who was their mother?

सब जानते हैं की बाली इन्द्र का पुत्र था और सुग्रीव सूर्यदेव का फिर इन्हें भाई क्यों कहा जाता है? क्या ये सहोदर थे? इनकी माता कौन थी?

वालि और सुग्रीव रामायण के प्रमुख पात्र है। सुग्रीव वालि का अनुज है। हनुमान के कारण राम से उसकी मित्रता हुयी। वाल्मीकि रामायण में किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड तथा युद्धकाण्ड में सुग्रीव का वर्णन वानरराज के रूप में किया गया है।

जब राम से उसकी मित्रता हुयी तब वह अपने अग्रज वालि के भय से ऋष्यमूक पर्वत पर हनुमान तथा कुछ अन्य वफ़ादार रीछ (ॠक्ष) (जामवंत) तथा वानर सेनापतियों के साथ रह रहा था। वो ऋष्यमूक पर्वत पर ही क्यों रह रहा था ? वहाँ बाली का भय क्यों नहीं था, इसके बारे में हम बाद में बात करेंगे, फिलहाल आज का प्रसंग है सुग्रीव और बाली की माता कौन है?

वालि और सुग्रीव के जन्म को लेकर एक रोचक प्रसंग है। ऐसा कहा जाता है कि वालि इन्द्र और अरुण देव का पुत्र था। चौकिये नहीं। इन्द्र देवताओं के राजा थे और अरुण सूर्यदेव के सारथी। ऐसी मान्यता है कि सूर्य रोज़ सात सफ़ेद घोड़ों के रथ में सुबह आते हैं जिसका संचालन अरुण करता है। एक बार की बात है कि किसी ॠषि ने सूर्य को यह शाप दे दिया कि वह पृथ्वी के ऊपर प्रकाशमान नहीं होंगे। क्योंकि सूर्य ने इसके पश्चात् रथ की सवारी बन्द कर दी अतः अरूण के पास कोई काम नहीं रहा। अरुण की पहले से ही स्वर्ग लोक में जाकर अप्सराओं का नृत्य देखने की इच्छा रही थी। उसने इस अवसर का लाभ उठाकर अप्सरा का वेष धारण किया और अप्सराओं का नृत्य देखने स्वर्ग लोक पहुँच गया। इन्द्र, जो कि इस नृत्य का आनन्द ले रहे थे, ने अरुण रूपी युवती को देखा और उसपर मोहित हो गये। और कालांतर में अरुण ने वालि को जन्म दिया। ठीक इसी तरह सूर्यदेव भी अरुण रुपी युवती पर मोहित हुए और सुग्रीव का जन्म हुआ। इन दोनों का पालन-पोषण गौतम ॠषि की पत्नी अहिल्या ने किया |

Bali aur Sugreevaवालि को उसके पिता इन्द्र से एक स्वर्ण हार प्राप्त हुआ जिसको ब्रह्मा ने मंत्रयुक्त करके यह वरदान दिया था कि इसको पहनकर वह जब भी रणभूमि में अपने दुश्मन का सामना करेगा तो उसके दुश्मन की आधी शक्ति क्षीण हो जायेगी और वालि को प्राप्त हो जायेगी। इस कारण से वालि लगभग अजेय था। ऐसे शक्तिशाली इंद्र के पुत्र को भी राम का कोपभाजन बनना पड़ा और राम के हाथों मृत्यु पायी । अगले वीडियो में हम बात करेंगे एक और इन्द्र के पुत्र की जिसे श्री राम के क्रोध का सामना करना पड़ा था।वो कौन था और क्या घटित हुआ था इसके लिए इंतज़ार कीजिये हमारे अगले वीडियो का।तब तक नमस्कार जय श्री राम 

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